राज्य नेत्र कार्यक्रम अधिकारी जूनियर डॉक्टर बैठा कर छत्तीसगढ़ की जनता के स्वास्थ्य के साथ खेल?,,,,,,
दंतेवाडा में इतना बड़ा नेत्र ऑपरेशन कांड होने के बाद भी उच्च अधिकारी कब उठेंगे चिरनिंद्रा से,,,,,,,,
रायपुर/राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान रायपुर मे पूरे राज्य मे पदोन्नति से बने नेत्र सहायक अधिकारीयों का 17 मार्च से 21 मार्च तक 5 दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है , प्रशिक्षण राज्य के प्रशिक्षित ट्रेनर/चिकित्सको के द्वारा गाईड लाईन के अनुसार जिस स्तर का प्रशिक्षण आंख के बिमारियो, रिफ्रेक्शन, आपरेशन, स्कूल हेल्थ, एवं इन्स्ट्रूमेंट के रख रखाव एवं उपयोग के विषय मे विस्तार से प्रशिक्षार्थीयो को प्रशिक्षण एवं प्रेक्टिकल कराया जाकर प्रशिक्षित किया जाना था, उक्त सभी विषयो का इस प्रशिक्षण मे पालन नही हुआ है ,
प्रशिक्षण लेने आये प्रशिक्षार्थी ही छत्तीसगढ राज्य के 40 नेत्र सहायक अधिकारियो को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। प्रशिक्षण स्तरहीन हुआ है, जिसका भविष्य मे विपरीत प्रभाव पड सकता है, समान्यतः पूर्व मे आयोजित प्रशिक्षण मे प्रतिदिन का विषय वस्तु, प्रशिक्षको का विवरण पुस्तिका प्रथम दिवस दिया जाता रहा है लेकिन उक्त प्रशिक्षण मे इस नियमो का कडाई से पालन नही किया गया है। अव्यवस्थित तरीके से किसी भी विषय को लेकर काम चलाऊं एवं बजट को खर्च करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण दिखावा के लिए किया गया है। पूर्व मे प्रशिक्षार्थीयो का फील्ड विजिट कराने 150 बिस्तरीय प्रांतीय नेत्र संस्थान माना का विजिट कराते हुए क्षेत्रीय फील्ड मे होने वाले नेत्र संबधी कार्य से प्रशिक्षित किया जाता था। लेकिन उक्त प्रशिक्षण मे फील्ड विजिट राज्य नेत्र संस्थान माना के स्थान पर मेकाहारा रायपुर का विजिट कराकर खानापूर्ति किया गया है । ये सब लचर व्यवस्था/ट्रेनिंग राज्य कार्यक्रम अधिकारी (अंधत्व ) के उपस्थिति मे संपन्न हुआ।
ज्ञात हो कि वर्तमान राज्य कार्यक्रम अधिकारी (अंधत्व) के कार्यकाल मे नेत्रदान पखवाडा एवं विश्व दृष्टि दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम मे किसी भी प्रकार का आई.ई.सी.सामाग्री प्रदान नही किया गया है, बिना प्रचार प्रसार सामाग्री पूरा पखवाडा का समापन कर दिया गया। इसी प्रकार विश्व ग्लूकोमा सप्ताह मे प्रतिवर्ष के तरह ग्लूकोमा जांच कराने वाले व्यक्तियों को बटने वाला प्रेसबायोपिक चश्मे का वितरण भी नही किया गया है, और न ही राज्य कार्यक्रम अधिकारी के द्वारा उक्त कार्यक्रमो के उद्घाटन एवं समापन मे अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है इससे अंधत्व कार्यक्रम के संचालन मे गंभीर प्रश्न चिन्ह खडा हो रहा है एवं कार्यक्रम को शासन के मंशानुरूप दिशा नही मिल रहा है। विदित हो की नजदीक नजर के चश्मे पहले जिला स्तर से अपने खपत के अनुसार क्रय किया जाता रहा है, लेकिन वर्तमान राज्य कार्यक्रम अधिकारी के पदस्थापित होते ही नजदीक नजर चश्मे की खरीदी राज्य स्तर से कराया जा रहा है जो कि संदेह पैदा करता है। इसके कार्य काल मे लचर व्यवस्था के कारण दंतेवाड़ा मे कई लोगो की आँखों की रोशनी चली गई, वर्तमान राज्य कार्यक्रम अधिकारी बहुत ही जूनियर होने के कारण कार्यक्रम को सुचारु रूप से संचालित नही कर पा रहे है, इसे तत्काल पद से हटाते हुए किसी उप संचालक स्तर के सीनियर अधिकारी को कार्यक्रम का जिम्मेदारी दिया जाये
उक्त प्रशिक्षण को पुनः आयोजित कर प्रशिक्षित ट्रेनेरो एवं नेत्र जांच मे प्रयोग होने वाले इन्स्ट्रूमेंट का रख रखाव , केलिब्रेशन, उपयोग सहित समस्त जानकारी दिया जाये जिससे शासन द्वारा करोडो खर्च कर खरीदे गये इन्स्ट्रूमेंट का सही रख-रखाव एवं सही उपयोग हो सके।