बड़ौदा आरसेटी धमतरी में दस दिवसीय मत्स्य पालन प्रशिक्षण संपन्न

प्रशिक्षणार्थियों ने सीखी मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीकें स्वरोजगार एवं बैंक ऋण की मिली जानकारी धमतरी। बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI), धमतरी में 22 से 31 अक्टूबर तक आयोजित दस दिवसीय मत्स्य पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समापन हुआ। इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं प्रशिक्षण किट वितरित किए गए। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं एवं स्वरोजगार के इच्छुक व्यक्तियों को मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराकर आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहित करना था।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मत्स्य पालन की विभिन्न विधियों तालाब प्रबंधन मछलियों की देखभाल, संतुलित आहार, उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों तथा मत्स्य पालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त मत्स्य पालन विभाग की विभिन्न शासकीय योजनाओं, अनुदान सुविधाओं तथा उनका लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) की गतिविधियों एवं उपलब्ध तकनीकी मार्गदर्शन की जानकारी भी प्रदान की गई।फील्ड विजिट से मिला व्यावहारिक अनुभव प्रशिक्षण को व्यावहारिक स्वरूप देने के उद्देश्य से 30 अक्टूबर को प्रशिक्षणार्थियों को राजीव गांधी हैचरी फार्म, धमतरी का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। यहां प्रतिभागियों ने मछली प्रसंस्करण (फिश प्रोसेसिंग) की विभिन्न प्रक्रियाओं एवं तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।इसी क्रम में आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त कर सफल उद्यमी बने महेंद्र हिरवानी के मत्स्य फार्म का भी भ्रमण कराया गया। प्रशिक्षणार्थियों ने वहां मत्स्य पालन इकाई का प्रत्यक्ष अवलोकन कर तालाब प्रबंधन, उत्पादन तकनीक, व्यावसायिक संचालन एवं आय की संभावनाओं को समझा। एक सफल उद्यमी के अनुभवों से उन्हें स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने की प्रेरणा मिली।स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण की भी जानकारीप्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मत्स्य पालन व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों, बैंक ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा स्वरोजगार स्थापना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई।समापन अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं प्रशिक्षण किट प्रदान किए गए। संस्थान का प्रयास है कि प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागी अर्जित तकनीकी ज्ञान एवं व्यावहारिक अनुभव का उपयोग कर स्वयं की मत्स्य पालन इकाइयां स्थापित करें तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें।बड़ौदा आरसेटी धमतरी का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार, उद्यमिता विकास एवं आजीविका संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।

 

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