
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने धमतरी जिले में चल रहे व्यापक अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और अवैध भंडारण को लेकर साय सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। जिला अध्यक्ष ने कहा कि धमतरी जिला इस वक्त पूरी तरह से रेत माफियाओं के चंगुल में है, और प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी इस बात का प्रमाण है कि इस अवैध कारोबार को सत्ता और अधिकारियों का खुला संरक्षण प्राप्त है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने बेहद आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे अब हमारी आस्था और श्मशान घाटों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। ग्राम खरेंगा में महानदी किनारे स्थित पारंपरिक श्मशान घाट को खोदकर अवैध रेत निकाली गई, जिससे 10 से अधिक नरकंकाल और अस्थियां बाहर बिखर गईं। यह न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और मृतकों का घोर अनादर है। आगे कहा की नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और पर्यावरण नियमों को ताक पर रखकर महानदी के तटीय क्षेत्रों में रात-दिन भारी-भरकम ‘चैन माउंटेन’ से अवैध खुदाई की जा रही है। इससे प्राकृतिक जलस्रोत नष्ट हो रहे हैं और भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। जिले के विभिन्न अंचलों में रेत के बड़े-बड़े अवैध डंप और भंडारण बनाए गए हैं। खनिज विभाग और राजस्व अमला सिर्फ छोटे ट्रैक्टरों पर दिखावे की कार्रवाई कर अपनी पीठ थपथपा रहा है, जबकि मुख्य रेत माफिया और बड़े सिंडिकेट बेखौफ घूम रहे हैं। जब स्थानीय ग्रामीण या पंचायत प्रतिनिधि इस अवैध उत्खनन का विरोध करते हैं, तो रेत माफियाओं के गुर्गे उन्हें जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की खुलेआम धमकी देते हैं। प्रशासन ग्रामीणों को सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम रहा है। तारिणी चंद्राकर नें आगे कहा की प्रदेश के मुख्यमंत्री ‘जीरो टॉलरेंस’ का खोखला दावा करते हैं. सुशासन का झूठा त्यौहार मना रहे हैं ग्राम खरेंगा में हुए इस महापाप के लिए जिम्मेदार खनिज अधिकारियों और संरक्षण देने वाले उच्चाधिकारियों पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई हो। जिले के भीतर चल रहे सभी बिना रॉयल्टी वाले अवैध रेत भंडारणों को तत्काल जब्त कर राजसात किया जाए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने शासन-प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि आगामी दिनों के भीतर धमतरी जिले में अवैध रेत उत्खनन और भंडारण पर पूरी तरह से पूर्ण विराम नहीं लगा, और मुख्य आरोपियों को जेल नहीं भेजा गया, तो जिला कांग्रेस कमेटी आम जनता और ग्रामीणों को साथ लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव करेगी और उग्र चक्काजाम आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।






