राजिम/धमतरी। राजिम जयंती के शुभ अवसर पर 7 जनवरी को राजिम के पावन संगम स्थल कुलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में साहू समाज द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रदेश साहू समाज के अध्यक्ष डॉ. निरेन्द्र साहू के नेतृत्व में साहू समाज के तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, किसान एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय ताम्रध्वज साहू, पूर्व गृहमंत्री छत्तीसगढ़ शासन ने की। प्रमुख अतिथियों में तोखन साहू, केंद्रीय राज्य मंत्री एवं अरुण साव, उपमुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन शामिल रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों के रूप में रमशीला साहू, पूर्व मंत्री छत्तीसगढ़ शासन, विपिन साहू, पूर्व अध्यक्ष प्रदेश साहू समाज तथा थानेश्वर साहू, पूर्व अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग मंचासीन रहे।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय समन्वयक (पिछड़ा वर्ग), नई दिल्ली एवं कुरूद के पूर्व विधायक लेखराम साहू ने विशाल जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि साहू समाज एक सरल, शांतिप्रिय और समावेशी समाज है, जो संख्या में अधिक होने के बावजूद सभी समाजों के विकास के बारे में सोचता है। उन्होंने कहा कि साहू समाज से विधायक, मंत्री, केंद्रीय राज्य मंत्री, पंच, सरपंच एवं जिला पंचायत स्तर तक अनेक जनप्रतिनिधि विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। लेखराम साहू ने अपने संबोधन में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसानों के रकबे में कटौती किए जाने के कारण समय पर टोकन नहीं कट पा रहे हैं, जिससे किसानों को धान बेचने में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी केंद्रों में अनियमितताएं व्याप्त हैं तथा टोकन व्यवस्था में खामियों के चलते केंद्रों में क्षमता से अधिक धान के बोरे जमा हो गए हैं। उन्होंने कहा कि धान का उठाव समय पर नहीं होने से धान राइस मिलों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिसके कारण राइस मिलर्स एफसीआई तक चावल समय पर नहीं पहुंचा पा रहे हैं। इसे उन्होंने अत्यंत निंदनीय बताया। लेखराम साहू ने विभागीय मंत्रियों से मांग की कि धान खरीदी केंद्रों में जमा धान का तत्काल उठाव कराया जाए, ताकि किसानों और आम जनता को राहत मिल सके। पूर्व विधायक लेखराम साहू ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बिजली बिल हाफ योजना, युवाओं को रोजगार भत्ता तथा किसानों को 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का उचित मूल्य दिया गया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान में धान का जो समर्थन मूल्य मिल रहा है, वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की देन है। उन्होंने कहा कि आज किसान सहित सभी वर्ग डबल इंजन सरकार से दुखी हैं। कार्यक्रम का समापन सामाजिक एकता, किसान हितों की रक्षा और जनकल्याण के संकल्प के साथ हुआ।







