
धमतरी। सामाजिक कार्यकर्ता खूब लाल ध्रुव ने कहा कि उनका जीवन अब ऐसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर है, जहाँ उनकी प्राथमिकता केवल जनसेवा, युवाओं को रोजगार और छत्तीसगढ़ में पर्यटन के नए अवसर विकसित करना है।उन्होंने कहा कि गंगरेल बांध, मॉडमसिल्ली बांध, दुधावा बांध और सोंडूर बांध जैसे प्राकृतिक क्षेत्रों में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएँ हैं। यदि इन क्षेत्रों का योजनाबद्ध विकास किया जाए, तो यहाँ निवास करने वाले जनजाति समाज सहित सभी समाज के युवा भाई-बहनों को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और रोजगार के व्यापक अवसर प्राप्त होंगे।खूब लाल ध्रुव ने बताया कि वे लगातार युवाओं को शासन की योजनाओं से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से आयोजित रोजगार मेले में 500 से अधिक युवा भाई-बहनों का पंजीयन कराया गया, ताकि उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि गंगरेल बांध क्षेत्र आने वाले समय में भारत के सबसे बड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थलों में शामिल हो। यहाँ हेलीकॉप्टर पर्यटन, बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स, इको-टूरिज्म, जनजातीय संस्कृति, स्थानीय हस्तशिल्प तथा अन्य पर्यटन गतिविधियों का विकास हो, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिले और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत हो।खूब लाल ध्रुव ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ का युवा आत्मनिर्भर बनकर राज्य और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।उन्होंने सभी युवाओं से आह्वान किया कि वे सकारात्मक सोच के साथ आगे आएँ नई योजनाओं से जुड़ें, स्वरोजगार अपनाएँ और छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी पर्यटन एवं रोजगार केंद्र बनाने में सहभागी बनें।खूब लाल ध्रुव सामाजिक कार्यकर्ता






