
“आपातकाल की 51वीं बरसी पर भाजपा की प्रेस वार्ता”

बालोद। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल की 51वीं बरसी पर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद एवं छत्तीसगढ़ राज्य भंडारण निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला और विवादास्पद अध्याय बताया।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सत्ता बचाने के लिए संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिकों के मौलिक अधिकारों का दमन किया। आपातकाल के दौरान विपक्षी नेताओं, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र समर्थकों को जेल में बंद किया गया, प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई तथा न्यायपालिका सहित संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाया गया।

श्री साहू ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेई, लालकृष्ण आडवाणी सहित अनेक नेताओं को बिना अपराध के गिरफ्तार कर लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास किया गया। लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान ने देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया।
उन्होंने कहा कि आपातकाल की विभीषिका और उससे मिली सीख को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भारतीय जनता पार्टी का दायित्व है, ताकि भविष्य में लोकतंत्र पर ऐसे किसी भी आघात की पुनरावृत्ति न हो। लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, नागरिक अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता से मजबूत होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष कृष्णकांत पवार, पूर्व विधायक प्रीतम साहू, जिला महामंत्री राकेश छोटू यादव, जिला उपाध्यक्ष पवन सोनबरसा, जिला मंत्री प्रेम साहू, जिला प्रवक्ता जितेन्द्र साहू, जिला मीडिया प्रभारी कमल पनपालिया सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






