धमतरी। आगामी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तिथियां आपस में टकराने के कारण प्रदेश के हजारों अभ्यर्थियों के सामने परीक्षा के अवसर से वंचित होने की स्थिति निर्मित हो रही है। इस गंभीर विषय को लेकर एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजा देवांगन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी को पत्र प्रेषित कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तिथियों में आवश्यक संशोधन करने की मांग की है, ताकि प्रदेश के युवाओं को सभी परीक्षाओं में शामिल होने का समान और स्वतंत्र अवसर मिल सके।राजा देवांगन ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा महीनों और वर्षों तक मेहनत करते हैं। ऐसे में अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं की तारीखें एक-दूसरे से टकराने के कारण अभ्यर्थियों को मजबूरी में किसी एक परीक्षा का चुनाव करना पड़ रहा है। यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसका सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती प्रक्रिया की मुख्य परीक्षा के लिए चयनित 7,301 अभ्यर्थी 24, 25 एवं 26 अक्टूबर को मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले हैं। वहीं 25 अक्टूबर को ही कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा 1,656 शिक्षक पदों के लिए परीक्षा निर्धारित की गई है। इसी प्रकार बैंकिंग क्षेत्र में भर्ती के लिए आयोजित IBPS परीक्षा 4 अक्टूबर को प्रस्तावित है और उसी दिन CG SET परीक्षा भी आयोजित की जा रही है। ऐसी स्थिति में दोनों परीक्षाओं के पात्र हजारों अभ्यर्थियों के सामने किसी एक परीक्षा को छोड़ने की मजबूरी उत्पन्न होगी।राजा देवांगन ने कहा कि CGPSC, व्यापम एवं CGSSB जैसी राज्य की भर्ती एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल की कमी के कारण आज प्रदेश के युवाओं को अपने ही अवसरों में से चुनाव करना पड़ रहा है। यह सरकार की भर्ती व्यवस्था और समन्वय की विफलता है। सरकार को यह समझना होगा कि एक-एक परीक्षा की तैयारी के पीछे किसी युवा की वर्षों की मेहनत, उसके परिवार की उम्मीद और उसके भविष्य का सवाल जुड़ा होता है।उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने की बात करती है, लेकिन जब रोजगार के लिए परीक्षाएं आयोजित होती हैं तो उनकी तारीखों में ही समन्वय नहीं हो पाता। परीक्षा तिथियों के टकराव के कारण किसी युवा को परीक्षा देने से वंचित होना पड़े, इससे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति और क्या हो सकती है। सरकार की जिम्मेदारी है कि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिले।राजा देवांगन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं की तिथियों की तत्काल समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किया जाए और परीक्षाओं के बीच पर्याप्त अंतर रखा जाए। साथ ही भविष्य में किसी भी भर्ती परीक्षा की तिथि निर्धारित करने से पहले सभी संबंधित भर्ती एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रदेश का कोई भी युवा केवल परीक्षा की तारीखों के टकराव के कारण अपने अवसर से वंचित न हो।उन्होंने कहा कि हमारी मांग किसी एक परीक्षा या किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक युवा के समान अधिकार और भविष्य के लिए है। सरकार तत्काल इस विषय पर गंभीरता से विचार करे और परीक्षा तिथियों में संशोधन कर हजारों अभ्यर्थियों को राहत प्रदान करे।







