
पति ने पत्नी की हत्या करने के आशय से किया जानलेवा हमला, पति को 5 साल की कैद

बालोद. बालोद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हीरापुर निवासी आरोपी पति लीलाधर साहू उम्र 25 वर्ष ने अपनी पत्नी को जान से मारने की नियत से उस पर धारदार हथियार से हमला किया था। उक्त आरोप पर आज फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश ताजुद्दीन आसिफ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी लीलाधर साहू को 5 साल के कठोर कारावास एवं 500 रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है तथा पीडित क्षतिपूर्ति योजना 2018 के अंतर्गत पीडिता को पर्याप्त प्रतिकर प्रदान करने का निर्णय पारित किया है।
अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक सनद श्रीवास्तव द्वारा पैरवी की गई। मामला इस प्रकार है कि दिनांक दिनांक 16-07-2025 को प्रार्थिया त्रिवेणी साहू ने इस आशय की देहाती नालसी दर्ज करायी, कि दो वर्ष पूर्व आरोपी लीलाधर से उसका विवाह हुआ था। विवाह के बाद से ही उसके ससुराल वाले कुछ नहीं लायी हो, कहकर उसे ताने देकर उसकी जेठानी से उसकी तुलना कर उसे नीचा दिखाते थे। उसका पति आईसक्रीम बेचने का कार्य करता था, जो काम कर शाम को घर वापस शराब के नशे में आता था, जिसे उसके घर वाले प्रार्थिया के खिलाफ भड़काते थे। दिनांक 02-07-2025 को उसका पति लगभग 2:00 बजे घर आया और उससे पैसे की मांग करने लगा, जब उसके द्वारा उसके पास पैसा नहीं होना बताया गया, तब उसके पति द्वारा उसे जान से मारने की धमकी देकर उसे चाकू दिखाया गया, जिससे वह डर कर अपने मायके चली गयी । इसके बाद प्रार्थिया त्रिवेणी साहू द्वारा आरोपी लीलाधर को फोन कर उसका छूटा हुआ सामान लाने को कहा गया। दिनांक 15-07-2025 को रात्रि 09-10 बजे के करीबन उसका पति/आरोपी लीलाधर प्रार्थिया त्रिवेणी के मायके ग्राम साल्हेटोला आया, तो वह बोली कि उसका सामान क्यों नहीं लाये हो, इस पर आरोपी ने गाली-गलौच कर प्रार्थिया त्रिवेणी से पैसे की मांग करने लगा तथा पैसा नहीं है, बोलने पर गाली देते हुण् चाकू जैसे चीज को उसके गुप्तांग में घुसा दिया और कहने लगा कि मर साले तुझे मारने ही आया हूं।
इस पर थाना बालोद में प्रार्थिया त्रिवेणी द्वारा आरोपी लीलाधर के विरूद्ध लिखित शिकायत के आधार पर अपराध क्रमांक 292/2025 धारा-109(1) भा.न्या.सं. के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया था। जिस पर न्यायालय द्वारा निर्णय पारित करते हुए आरोपी लीलाधर साहू को धारा 109(1) के अपराध में 5 वर्ष का कठोर कारावास और 500 रुपये के अर्थदण्डु से दण्डित किया गया है।






