प्रेम संबंधों में बाधा बन रही नाबालिग बेटी की हत्या करने के मामले में दोषी मां को उम्रकैद की सजा,

अमरोहा। प्रेम संबंधों में बाधा बन रही नाबालिग बेटी की गला दबाकर हत्या करने वाली मां को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषी मां ने बेटी को मौत के घाट उतारने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या करने की अफवाह उड़ा दी थी लेकिन अगले दिन आई मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या किए जाने का राज खोल दिया था। वहीं, दोषी मां पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाने वाली अदालत ने साक्ष्य के आभाव में आरोपी बनाए गए प्रेमी को बरी कर दिया है। मृतका ने अपनी मां व उसके प्रेमी को घर में ही आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसके बाद ही मां ने बेटी को रास्ते से हटाने पटकथा लिखी थी।

रिश्तों के कत्ल की यह वारदात 21 दिसंबर 2023 को हसनपुर के मोहल्ला काला शहीद की थी। मूलरूप से कोतवाली क्षेत्र के गांव गंगाचोली निवासी सुशील वर्मा अपनी पत्नी रानी वर्मा, बेटे वंश वर्मा व बेटी खुशबू वर्मा के साथ मोहल्ले में किराए के मकान में रहते थे। पति से नाराजगी के चलते बाद में रानी वर्मा ने अपने बेटे वंश वर्मा व बेटी खुशबू के साथ किराए पर अलग मकान लेकर रहना शुरू कर दिया था। 20 दिसंबर 2023 को बेटा वंश किसी काम से संभल गया हुआ था। उसकी गैर मौजूदगी में 21 दिसंबर की सुबह में रानी वर्मा ने बेटी खुशबू वर्मा की गला दबाकर हत्या कर दी थी। खुद को बचाने के लिए रानी वर्मा ने बेटी के फांसी लगाकर जान देने की अफवाह उड़ा दी थी। किसी को शक न हो लिहाजा वह खुद ही बेटी खुशबू वर्मा को प्राइवेट अस्पताल भी ले गई थी। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था। चर्चाओं के बीच पुलिस ने खुशबू के शव का पोस्टमार्टम कराया था। जिसकी रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ था। खुशबू ने आत्महत्या नहीं की थी बल्कि गला दबाकर उसकी हत्या की पुष्टि की गई थी। मामले में सुशील वर्मा ने पत्नी रानी वर्मा व उसके प्रेमी अनिल के खिलाफ बेटी की हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।

पुलिस ने रानी वर्मा व अनिल को गिरफ्तार करते हुए चालान कर दिया था। फिलहाल दोनों जमानत पर थे। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट द्वितीय की अदालत में विचाराधीन थी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन बंसल द्वारा की जा रही थी। शुक्रवार को अदालत में मुकदमे की आखिरी सुनवाई हुई। पत्रावली के अवलोकन व साक्ष्य के आधार पर अदालत ने रानी वर्मा को बेटी की हत्या करने में दोषी माना। उसे उम्रकैद की सजा सुनाई तथा 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं, साक्ष्य के अभाव में उसके प्रेमी अनिल को बरी कर दिया। पुलिस की थ्योरी में खुशबू मां के अवैध संबंधों में बाधा बनी थी।

ब्यूरो रिपोर्ट 

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